माइक्रोसॉफ्ट की नई Global AI Diffusion Report 2026 के मुताबिक दुनिया में AI का इस्तेमाल तेज़ी से बढ़ रहा है। रिपोर्ट बताती है कि अब हर पाँच में से लगभग एक कामकाजी वयस्क रोज़मर्रा के काम में AI टूल्स का उपयोग कर रहा है।
दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का असर अब केवल टेक कंपनियों तक सीमित नहीं रह गया है। ऑफिस, बिजनेस, पढ़ाई, कोडिंग, कंटेंट, डिजाइन और रोजमर्रा के कामों में AI की मौजूदगी तेजी से बढ़ती जा रही है। माइक्रोसॉफ्ट की नई “Global AI Diffusion Report 2026” ने दुनिया भर में AI के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर कई बड़े संकेत दिए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, अब दुनिया की कामकाजी आबादी में लगभग हर पाँच में से एक व्यक्ति किसी न किसी रूप में AI टूल्स का इस्तेमाल कर रहा है। 2026 की शुरुआत में वैश्विक AI उपयोग में तेज़ बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो यह दिखाती है कि AI अब आम लोगों की जिंदगी और कामकाज का हिस्सा बन चुका है।
तेजी से बढ़ रहा AI का इस्तेमाल रिपोर्ट के अनुसार AI का विस्तार इंटरनेट और स्मार्टफोन जैसी तकनीकों की शुरुआती ग्रोथ से भी तेज माना जा रहा है। दुनिया भर में करोड़ों लोग अब Chatbots, AI Assistants, AI Coding Tools और Productivity Platforms का उपयोग कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि AI अब केवल “भविष्य की तकनीक” नहीं रह गया, बल्कि यह रोजमर्रा के काम का हिस्सा बन चुका है। लोग ईमेल लिखने, डेटा विश्लेषण, रिपोर्ट तैयार करने, कोडिंग, डिजाइन, ट्रांसलेशन और रिसर्च जैसे कामों में AI की मदद ले रहे हैं।
किन देशों में सबसे ज्यादा AI उपयोग? रिपोर्ट बताती है कि कुछ देश AI अपनाने में बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। संयुक्त अरब अमीरात, अमेरिका, जापान, दक्षिण कोरिया और थाईलैंड जैसे देशों में AI adoption बहुत तेज़ी से बढ़ा है। इन देशों में बेहतर इंटरनेट, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी शिक्षा को इसकी बड़ी वजह माना जा रहा है।
AI से बढ़ रही नई डिजिटल खाई हालांकि रिपोर्ट ने एक चिंता भी जाहिर की है। विकसित देशों और विकासशील देशों के बीच AI उपयोग का अंतर लगातार बढ़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार जिन देशों में तकनीकी सुविधाएं और डिजिटल शिक्षा बेहतर है, वहां AI का उपयोग ज्यादा तेजी से हो रहा है। दूसरी तरफ कई गरीब और पिछड़े क्षेत्रों में अभी भी लोग डिजिटल सुविधाओं से दूर हैं।
ऑफिस और जॉब मार्केट में बड़ा बदलाव AI के बढ़ते इस्तेमाल का सबसे ज्यादा असर जॉब मार्केट पर दिखाई दे रहा है। अब कंपनियां AI टूल्स को कामकाज का हिस्सा बना रही हैं। Coding, Customer Support, Data Analysis और Content Creation जैसे क्षेत्रों में AI का उपयोग तेजी से बढ़ा है। कई कंपनियां Productivity बढ़ाने और काम को तेज करने के लिए AI का इस्तेमाल कर रही हैं। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि AI केवल नौकरियां खत्म नहीं कर रहा, बल्कि काम करने का तरीका बदल रहा है। कई कर्मचारियों को अब AI के साथ मिलकर काम करना सीखना पड़ रहा है।
कौन सी स्किल्स होंगी सबसे जरूरी? AI के दौर में सबसे ज्यादा मांग उन लोगों की बढ़ती दिखाई दे रही है जो: नई तकनीक जल्दी सीख सकें Creative सोच रखते हों मुश्किल समस्याओं को हल कर सकें AI tools के साथ बेहतर तरीके से काम कर सकें विशेषज्ञों के अनुसार भविष्य में केवल डिग्री काफी नहीं होगी। लगातार सीखते रहना और नई स्किल्स अपनाना सबसे जरूरी होगा।
भारत के लिए क्या मतलब? भारत जैसे देशों के लिए यह बदलाव बड़ा अवसर भी बन सकता है। देश में तेजी से बढ़ते डेटा सेंटर, डिजिटल सेवाएं, AI स्टार्टअप्स और टेक इंडस्ट्री के कारण AI adoption आने वाले वर्षों में और तेज हो सकता है। कई रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि भारतीय कर्मचारी दुनिया में सबसे तेजी से AI tools अपनाने वालों में शामिल हैं।
आने वाले समय की तस्वीर रिपोर्ट साफ संकेत देती है कि AI अब केवल एक टेक ट्रेंड नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक और सामाजिक बदलाव का हिस्सा बन चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कुछ वर्षों में AI हर उद्योग, हर ऑफिस और लगभग हर डिजिटल प्रोफेशन का हिस्सा बन जाएगा। लेकिन इसके साथ सबसे बड़ी चुनौती होगी — लोगों को नई तकनीक के अनुसार तैयार करना। कुल मिलाकर, AI का दौर दुनिया को तेजी से बदल रहा है। जो लोग तकनीक को समझेंगे, नई स्किल्स सीखेंगे और बदलाव के साथ खुद को ढालेंगे, वही भविष्य में सबसे मजबूत स्थिति में दिखाई दे सकते हैं।
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