Pep Guardiola ने 10 साल बाद Manchester City को अलविदा कह दिया। उनके दौर में क्लब ने 20 बड़ी ट्रॉफियां जीतीं और दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में जगह बनाई। आखिरी मैच के दौरान खिलाड़ी, फैंस और खुद पेप भी भावुक नजर आए।
Pep Guardiola ने आखिरकार Manchester City के साथ अपना 10 साल लंबा ऐतिहासिक सफर खत्म कर दिया। उनका आखिरी मुकाबला प्रीमियर लीग में खेला गया, जहां टीम को हार मिली, लेकिन पूरा माहौल भावनाओं और यादों से भरा हुआ था।
खुद से ज्यादा क्लब की बात करते रहे पेप अपने आखिरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी पेप गार्डियोला ने खुद को चर्चा का केंद्र नहीं बनाया। पत्रकार लगातार उनसे उनके जाने की वजह, भविष्य और फैसले के बारे में सवाल पूछ रहे थे, लेकिन पेप बार-बार टीम और क्लब की बात करते रहे। उन्होंने कहा कि मैनचेस्टर सिटी को कोच करना उनके लिए सम्मान और खुशी की बात रही। उनके अनुसार ट्रॉफियां जरूरी थीं, लेकिन सबसे खास चीज क्लब और शहर से बना उनका रिश्ता था।
10 साल में बदली क्लब की पहचान पेप गार्डियोला ने अपने कार्यकाल में मैनचेस्टर सिटी को दुनिया के सबसे मजबूत क्लबों में बदल दिया। उनके नेतृत्व में टीम ने कुल 20 बड़ी ट्रॉफियां जीतीं। उनकी टीम अपने शानदार पासिंग गेम, तेज अटैक और आक्रामक फुटबॉल के लिए जानी गई। उनका जीत प्रतिशत 70 प्रतिशत से भी ज्यादा रहा, जो प्रीमियर लीग इतिहास के सबसे बेहतरीन रिकॉर्ड्स में गिना जाता है।
आखिरी मैच में दिखीं भावनाएं आखिरी मुकाबले में टीम का प्रदर्शन साधारण रहा और हार भी मिली, लेकिन मैच से ज्यादा चर्चा भावुक पलों की रही। कई खिलाड़ी और फैंस भावुक नजर आए। Bernardo Silva और John Stones जैसे खिलाड़ियों की आंखों में आंसू दिखाई दिए। जब खिलाड़ियों ने बर्नार्डो सिल्वा को गार्ड ऑफ ऑनर दिया, तब पेप भी अपनी भावनाएं नहीं रोक सके।
खिलाड़ियों से खास रिश्ता पेप का अपने खिलाड़ियों के साथ बहुत गहरा रिश्ता रहा। उन्होंने कई युवा खिलाड़ियों को बड़ा स्टार बनाया। खासकर Phil Foden जैसे खिलाड़ियों का विकास उनके दौर में हुआ। उनके पुराने खिलाड़ी और साथी भी स्टेडियम में मौजूद रहे ताकि इस खास मौके का हिस्सा बन सकें।
ट्रॉफियों से ज्यादा यादें पेप ने कहा कि अब उनके पास सिर्फ यादों का सामान बचा है। उन्होंने बताया कि उनका घर भी लगभग खाली हो चुका है और अब वह आराम करना चाहते हैं। करीब 20 साल लगातार कोचिंग करने के बाद वह थोड़ा समय खुद को देना चाहते हैं।
हमेशा याद रहेगा पेप का दौर मैनचेस्टर सिटी के इतिहास में पेप गार्डियोला का नाम हमेशा सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। क्लब ने उनके सम्मान में स्टेडियम के एक हिस्से का नाम भी उनके नाम पर रखने का फैसला किया है। फैंस ने भी बैनर और पोस्टर के जरिए उन्हें धन्यवाद कहा। स्टेडियम में हर तरफ एक ही संदेश दिखाई दे रहा था — “10 शानदार साल, 20 ट्रॉफियां, धन्यवाद पेप।” कुल मिलाकर, पेप गार्डियोला का यह विदाई मैच सिर्फ एक कोच का आखिरी मुकाबला नहीं था, बल्कि एक ऐसे दौर का अंत था जिसने मैनचेस्टर सिटी को फुटबॉल की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
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