पोलैंड के टार्नोवो पोडगोर्ने शहर में आयोजित डाइविंग–चेस वर्ल्ड चैंपियनशिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस अनोखे खेल में खिलाड़ियों को पानी के अंदर गोता लगाकर हर सांस में सिर्फ एक चाल चलते हुए शतरंज खेलना पड़ता है।
दुनिया में खेलों के नए–नए फॉर्मेट लगातार सामने आ रहे हैं, लेकिन पोलैंड में आयोजित एक अनोखी प्रतियोगिता ने लोगों को हैरान भी किया और रोमांचित भी। पोलैंड के टार्नोवो पोडगोर्ने शहर में हुई “डाइविंग–चेस” वर्ल्ड चैंपियनशिप इस समय इंटरनेट पर जमकर वायरल हो रही है। यह खेल जितना अजीब सुनाई देता है, उतना ही चुनौतीपूर्ण और दिलचस्प भी है। सोशल मीडिया पर इस प्रतियोगिता के वीडियो लाखों बार देखे जा चुके हैं और यूज़र्स इसे “ब्रेन और ब्रेथ कंट्रोल का अल्टीमेट टेस्ट” बता रहे हैं।
CNN 10 की रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रतियोगिता में दुनिया के अलग–अलग देशों से कुल 62 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। खेल का नियम बेहद अलग और कठिन है। खिलाड़ियों को पानी से भरे स्विमिंग पूल के अंदर गोता लगाकर शतरंज खेलना होता है। हर खिलाड़ी एक सांस में केवल एक चाल चल सकता है। चाल चलने के बाद उसे दोबारा सतह पर आकर सांस लेनी पड़ती है और फिर अगली चाल के लिए वापस पानी में उतरना होता है।
इस अनोखी प्रतियोगिता में इस्तेमाल होने वाला शतरंज बोर्ड सामान्य बोर्ड जैसा नहीं होता। पानी के अंदर खेलने के लिए खास वजनदार और मैग्नेटिक बोर्ड तैयार किए जाते हैं ताकि मोहरे अपनी जगह से हिलें नहीं। खिलाड़ी तैरकर बोर्ड तक पहुंचते हैं, पूरी एकाग्रता के साथ चाल चलते हैं और फिर तेजी से ऊपर लौटते हैं। इस दौरान टाइम कंट्रोल भी लगातार चलता रहता है, इसलिए खिलाड़ियों को सिर्फ दिमाग ही नहीं बल्कि शानदार फिजिकल फिटनेस की भी जरूरत पड़ती है।
आमतौर पर शतरंज को एक ऐसा खेल माना जाता है जिसमें मानसिक रणनीति और धैर्य सबसे ज्यादा मायने रखते हैं। लेकिन डाइविंग–चेस ने इस पारंपरिक सोच को पूरी तरह बदल दिया है। यहां खिलाड़ियों को रणनीति के साथ–साथ सांस रोकने की क्षमता, शरीर का संतुलन और पानी के अंदर शांत बने रहने की कला भी सीखनी पड़ती है। यही वजह है कि यह प्रतियोगिता अब केवल शतरंज प्रेमियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि एडवेंचर स्पोर्ट्स पसंद करने वाले लोगों को भी आकर्षित कर रही है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि खिलाड़ी पानी के अंदर बेहद शांत तरीके से बोर्ड के सामने पहुंचते हैं। कई बार खिलाड़ी चाल सोचने में ज्यादा समय लगा देते हैं, जिससे उनकी सांस पर दबाव बढ़ जाता है। यही इस खेल की सबसे बड़ी चुनौती है। इंटरनेट यूज़र्स इस कॉन्सेप्ट को देखकर हैरान हैं और लगातार मजेदार रिएक्शन दे रहे हैं। किसी ने इसे “अंडरवॉटर माइंड बैटल” कहा तो किसी ने “सबसे शांत लेकिन सबसे तनावपूर्ण गेम” बताया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के नए फॉर्मेट पारंपरिक खेलों को युवा दर्शकों तक पहुंचाने का बेहद प्रभावी तरीका बन सकते हैं। आज की डिजिटल दुनिया में लोग तेजी से बदलते और विजुअली आकर्षक कंटेंट को ज्यादा पसंद करते हैं। ऐसे में डाइविंग–चेस जैसी प्रतियोगिताएं इंटरनेट पर तुरंत लोगों का ध्यान खींच लेती हैं। यही कारण है कि इस इवेंट के क्लिप्स इंस्टाग्राम, यूट्यूब और टिकटॉक जैसे प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से शेयर किए जा रहे हैं।
कंटेंट क्रिएटर्स के लिए भी यह प्रतियोगिता किसी खजाने से कम नहीं मानी जा रही। रिएक्शन वीडियो, फनी मीम्स, एक्सप्लेनेशन क्लिप्स, स्पोर्ट्स डॉक्यूमेंट्री और एनिमेटेड शॉर्ट्स जैसे कई तरह के कंटेंट इस विषय पर बनाए जा रहे हैं। कुछ यूट्यूबर्स ने तो इसे “भविष्य का वायरल स्पोर्ट” तक बता दिया है। डिजिटल ऑडियंस खासतौर पर उन खेलों को तेजी से अपनाती है जो पारंपरिक होने के साथ मनोरंजक भी हों, और डाइविंग–चेस इसी कैटेगरी में फिट बैठता है।
खेल विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि आने वाले समय में ऐसे हाइब्रिड स्पोर्ट्स की संख्या बढ़ सकती है, जहां दो अलग–अलग स्किल्स को मिलाकर नया फॉर्मेट तैयार किया जाए। जैसे ई–स्पोर्ट्स और फिजिकल फिटनेस का कॉम्बिनेशन, या फिर माइंड गेम्स और एडवेंचर स्पोर्ट्स का मिश्रण। डाइविंग–चेस उसी बदलाव की एक झलक माना जा रहा है।
हालांकि कुछ लोगों को यह प्रतियोगिता मजाकिया लग सकती है, लेकिन इसके पीछे खिलाड़ियों की कड़ी ट्रेनिंग और अनुशासन छिपा होता है। सांस रोककर शांत दिमाग से रणनीति बनाना आसान काम नहीं है। खिलाड़ियों को लंबे समय तक पानी के अंदर फोकस बनाए रखने की प्रैक्टिस करनी पड़ती है। यही वजह है कि यह खेल अब धीरे–धीरे एक गंभीर प्रतिस्पर्धात्मक इवेंट के रूप में पहचान बना रहा है।
डाइविंग–चेस वर्ल्ड चैंपियनशिप ने यह साबित कर दिया है कि अगर किसी पारंपरिक खेल को नए अंदाज में पेश किया जाए, तो वह पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच सकता है। पोलैंड में शुरू हुआ यह अनोखा खेल अब ग्लोबल चर्चा का हिस्सा बन चुका है और आने वाले समय में इसकी लोकप्रियता और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
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