फ़िलिपींस के एंजेलिस सिटी में निर्माणाधीन 9 मंज़िला इमारत गिरने से अफरा-तफरी मच गई। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हुई है, जबकि कई मज़दूर अब भी मलबे में फँसे बताए जा रहे हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।
फ़िलिपींस के एंजेलिस सिटी में रविवार तड़के हुए एक बड़े हादसे ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। राजधानी मनीला से उत्तर दिशा में स्थित इस शहर में निर्माणाधीन 9 मंज़िला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय इमारत के अंदर बड़ी संख्या में मज़दूर काम कर रहे थे। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक इस दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा राहत टीमें मौके पर पहुंचीं। चारों तरफ धूल का गुबार और टूटे हुए कंक्रीट के ढेर के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। अधिकारियों ने बताया कि कुछ मज़दूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, लेकिन कई लोग अब भी लापता हैं। भारी मशीनों और स्निफर डॉग्स की मदद से लगातार तलाश अभियान चलाया जा रहा है।
स्थानीय सूचना अधिकारी ने रेडियो चैनलों को बताया कि कम से कम आठ लोगों को तुरंत रेस्क्यू कर लिया गया, जबकि 11 मज़दूर किसी तरह खुद ही मलबे से निकलने में कामयाब रहे। बचाए गए कई मज़दूर घायल हैं और उन्हें नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे से पहले इमारत में हल्का कंपन महसूस हुआ था। कुछ ही सेकंड में पूरी बिल्डिंग नीचे आ गिरी। आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि तेज धमाके जैसी आवाज़ आई और फिर पूरा इलाका धूल से भर गया। लोगों में भगदड़ मच गई और कई परिवार अपने परिजनों की तलाश में मौके पर पहुंच गए।
शुरुआती जांच में जो बातें सामने आई हैं, उन्होंने निर्माण सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों को शक है कि बिल्डिंग की मूल मंज़ूरी वाली योजना में शामिल न रहे रूफ़-डेक स्विमिंग पूल को बाद में जोड़ा गया था। माना जा रहा है कि इस अतिरिक्त भार ने पूरी संरचना पर दबाव बढ़ा दिया। इंजीनियरिंग विशेषज्ञ अब यह जांच कर रहे हैं कि क्या इमारत की डिजाइन क्षमता से ज्यादा वजन डाला गया था।
इसके अलावा निर्माण कार्य में इस्तेमाल की गई सामग्री और सुपरविजन की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि बिल्डर और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। यदि निर्माण नियमों में लापरवाही या भ्रष्टाचार साबित होता है, तो कई अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
इस घटना ने एक बार फिर एशियाई देशों में तेजी से बढ़ते कंस्ट्रक्शन बूम के बीच बिल्डिंग सेफ्टी को लेकर बहस छेड़ दी है। पिछले कुछ वर्षों में फ़िलिपींस, चीन और अन्य देशों में इमारत गिरने की कई घटनाएँ सामने आई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तेज़ी से प्रोजेक्ट पूरा करने की होड़ में सुरक्षा मानकों को नजरअंदाज कर दिया जाता है। घटिया सामग्री, अधूरी निगरानी और भ्रष्टाचार जैसी समस्याएँ ऐसे हादसों की बड़ी वजह बनती हैं।
शहरी इलाकों में तेजी से बढ़ती आबादी के कारण ऊंची इमारतों का निर्माण लगातार बढ़ रहा है। लेकिन इस हादसे ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या विकास की रफ्तार सुरक्षा से ज्यादा महत्वपूर्ण बनती जा रही है। आम लोगों के बीच भी अब यह चिंता बढ़ रही है कि घर खरीदते समय सिर्फ लोकेशन और कीमत पर ध्यान देना काफी नहीं है। बिल्डर का रिकॉर्ड, स्ट्रक्चरल ऑडिट, सुरक्षा सर्टिफिकेट और सरकारी मंज़ूरी जैसे पहलुओं की जांच भी बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि निर्माण स्थलों पर काम करने वाले मज़दूर सबसे ज्यादा जोखिम में रहते हैं। कई जगहों पर सुरक्षा गियर, हेलमेट, सेफ्टी ड्रिल और इमरजेंसी ट्रेनिंग जैसी सुविधाएँ केवल कागज़ों तक सीमित रह जाती हैं। ऐसे हादसे यह साबित करते हैं कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी सीधे जानलेवा साबित हो सकती है।
सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर लोगों में गुस्सा देखा जा रहा है। कई यूजर्स ने सवाल उठाए कि हर बड़ी दुर्घटना के बाद सिर्फ जांच और मुआवज़े की घोषणा क्यों की जाती है। लोगों का कहना है कि जब तक निर्माण सुरक्षा को राजनीतिक और प्रशासनिक प्राथमिकता नहीं बनाया जाएगा, तब तक ऐसे हादसे रुकना मुश्किल हैं।
फ़िलिपींस सरकार ने इस मामले में हाई-लेवल जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों ने कहा है कि भविष्य में निर्माण परियोजनाओं की मॉनिटरिंग और कड़ी की जाएगी। हालांकि लोगों का मानना है कि असली बदलाव तभी दिखेगा जब नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा और दोषियों को उदाहरण बनाकर सजा दी जाएगी।
फिलहाल एंजेलिस सिटी में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। मलबे के नीचे अब भी कई लोगों के फँसे होने की आशंका के चलते हर मिनट बेहद अहम माना जा रहा है। परिवारों की निगाहें रेस्क्यू टीमों पर टिकी हैं और पूरा देश इस हादसे से स्तब्ध है।
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