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केंद्र सरकार ने उज्जवला योजना के तहत गैस सब्सिडी पाने वाले उपभोक्ताओं के लिए साल में एक बार आधार आधारित बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जरूरी कर दिया है। नियम का पालन नहीं करने पर सब्सिडी रुक सकती है, जिससे राजस्थान के करीब 73 लाख लाभार्थी प्रभावित होंगे।
प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के करोड़ों लाभार्थियों के लिए केंद्र सरकार ने एक अहम बदलाव लागू किया है। अब योजना के तहत गैस सब्सिडी प्राप्त करने वाले सभी उपभोक्ताओं को हर साल कम से कम एक बार आधार आधारित बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। सरकार का कहना है कि यह कदम फर्जी गैस कनेक्शन और सब्सिडी में हो रहे गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए उठाया गया है। हालांकि, इस नए नियम का असर सीधे तौर पर गरीब और ग्रामीण परिवारों पर पड़ने वाला है। राजस्थान में ही करीब 73 लाख लाभार्थी इस बदलाव से प्रभावित होंगे।
नई व्यवस्था के अनुसार, जिन लाभार्थियों का समय पर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन नहीं होगा, उनकी LPG सब्सिडी अस्थायी रूप से रोकी जा सकती है। इससे उन परिवारों की चिंता बढ़ गई है जो हर महीने मिलने वाली सब्सिडी पर निर्भर रहते हैं। खासकर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के सामने अब अतिरिक्त प्रक्रिया पूरी करने की चुनौती खड़ी हो सकती है।
Continue Reading23 मई 2026
सरकार का तर्क है कि पिछले कुछ वर्षों में कई मामलों में डुप्लिकेट कनेक्शन, फर्जी पहचान और गलत बैंक खातों के जरिए सब्सिडी का लाभ लेने की शिकायतें सामने आई थीं। इसी को देखते हुए अब आधार आधारित सत्यापन को और सख्त किया जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सब्सिडी केवल वास्तविक और पात्र लाभार्थियों तक ही पहुंचे। अधिकारियों के अनुसार बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन से लाभार्थियों की पहचान सीधे आधार डेटा से मैच की जाएगी, जिससे फर्जी खातों और गलत दावों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
नई प्रक्रिया के तहत उपभोक्ताओं को अपने नजदीकी गैस एजेंसी केंद्र, ई-मित्र कियोस्क या अधिकृत सेवा केंद्र पर जाकर फिंगरप्रिंट या अन्य बायोमेट्रिक पहचान के जरिए सत्यापन कराना होगा। कई जगह मोबाइल वैन और कैंप लगाकर भी यह प्रक्रिया पूरी कराने की तैयारी की जा रही है ताकि दूरदराज के गांवों में रहने वाले लोगों को ज्यादा परेशानी न हो।
Continue Reading23 मई 2026
हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी, आधार ऑथेंटिकेशन की तकनीकी दिक्कतें और लंबी दूरी जैसी समस्याएं लोगों की चिंता बढ़ा रही हैं। कई लाभार्थियों का कहना है कि अगर समय पर वेरिफिकेशन नहीं हो पाया तो उन्हें गैस सिलेंडर महंगा पड़ सकता है, क्योंकि सब्सिडी रुकने से सीधा आर्थिक बोझ बढ़ जाएगा। बुजुर्ग, दिव्यांग और दूरस्थ इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह प्रक्रिया और भी मुश्किल हो सकती है।
राजस्थान सहित कई राज्यों में गैस एजेंसियों ने लाभार्थियों को SMS, कॉल और नोटिस के जरिए जानकारी देना शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें और समय रहते अपना बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन पूरा करा लें। सरकार का दावा है कि इस कदम से योजना में पारदर्शिता बढ़ेगी और वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक सब्सिडी का लाभ बेहतर तरीके से पहुंच सकेगा।
Continue Reading22 मई 2026
प्रधानमंत्री उज्जवला योजना की शुरुआत गरीब परिवारों को धुएं से मुक्त रसोई उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। इस योजना के तहत करोड़ों महिलाओं को मुफ्त LPG कनेक्शन दिए गए, जिससे लकड़ी और कोयले पर निर्भरता कम हुई। अब सरकार का फोकस यह सुनिश्चित करने पर है कि योजना का लाभ सही लोगों तक पहुंचे और सब्सिडी प्रणाली में किसी तरह की गड़बड़ी न हो।
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23 मई 2026
23 मई 2026
22 मई 2026
23 मई 2026