जोधपुर के सरदारपुरा थाना पुलिस ने करीब एक करोड़ रुपये की बड़ी चोरी का खुलासा करते हुए पिता, बेटा और दामाद को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने शादी के लिए रखे सोने-चांदी के जेवर और नकदी चुराई थी। पुलिस ने 200 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगालकर आरोपियों की पहचान की और गुजरात से उन्हें पकड़ा। चोरी का माल भी बरामद कर लिया गया है।
जोधपुर के सरदारपुरा थाना पुलिस ने करीब एक करोड़ रुपये की बड़ी चोरी का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये तीनों आपस में पिता, बेटा और दामाद हैं। पुलिस ने इनके पास से सोने-चांदी के जेवर और नकदी भी बरामद की है।
इस मामले के खुलासे के लिए थाना स्तर पर बनी टीम ने 200 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तब जाकर आरोपियों को पकड़ा गया।
चोरी की वारदात के लिए उदयपुर के गुरुनानक कॉलोनी कच्ची बस्ती बेड़वास निवासी रणदीप (20) पुत्र अजीत सिंह और उसका साला दीपसिंह (20), निवासी मयूर मील के पीछे, डूंगरपुर रोड, सिद्धी विनायक कॉलोनी, बांसवाड़ा, 23 जनवरी को जोधपुर आए थे। दोनों उदयमंदिर इलाके की एक होटल में रुके और दिनभर सरदारपुरा के पॉश इलाके में रैकी करते रहे।
रात करीब 12 बजे पहले एक बाइक चुराई, फिर सूने मकान के ताले तोड़कर अंदर घुसे। यहां से करीब 500 ग्राम सोना, 3 किलो चांदी, 12.50 लाख रुपये नकद और अन्य सामान लेकर फरार हो गए। चोरी किए गए माल की कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई गई है।
सरदारपुरा निवासी भरत मेहता ने 25 जनवरी को इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई। उनके घर में 6 फरवरी को बेटे की शादी है और वे उस समय मुंबई गए हुए थे। पड़ोसी ने फोन कर बताया कि घर का ताला टूटा हुआ है।
जब वे जोधपुर पहुंचे तो देखा कि दो अलमारियों और सेफ में रखे बेटे की शादी के लिए जमा सोने-चांदी के गहने, चांदी के बर्तन और नकदी गायब थी। पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश और डीसीपी (पश्चिम) विनीत बंसल के निर्देश पर सरदारपुरा थानाधिकारी जयकिशन सोनी के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई करते हुए रणदीप, दीपसिंह और तीरथ को गिरफ्तार कर लिया।
चोरी के बाद आरोपी पहले पिंडवाड़ा गए और फिर बांसवाड़ा पहुंचे, जहां चोरी का माल तीरथ को सौंप दिया। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिनमें दोनों आरोपी बाइक पर जाते हुए नजर आए। इसके बाद उदयमंदिर क्षेत्र की एक होटल के फुटेज से आरोपियों की साफ तस्वीर मिली।
जांच में सामने आया कि रिक्तिया भैरूजी इलाके में सुबह 4:30 बजे सिरोही जाने वाली बस में बैठते हुए आरोपी दिखे। बस कंडक्टर ने बताया कि उसने उन्हें पिंडवाड़ा उतारा था। वहां से आरोपियों ने एक निजी गाड़ी किराए पर ली और बांसवाड़ा रवाना हुए।
इसके बाद वे रतलाम भागे और फिर वहां से करीब 100 किलोमीटर दूर दाहोद (गुजरात) होते हुए वडोदरा के पावागढ़ माता मंदिर पहुंचे, जहां दोनों परिवारों की तरफ से प्रसादी का आयोजन हो रहा था। यहीं से सरदारपुरा पुलिस ने स्थानीय पुलिस की मदद से रेलवे स्टेशन के पास स्थित एक होटल से दोनों को गिरफ्तार किया।
जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपी पहले महामंदिर इलाके में घूमे थे, लेकिन वहां चोरी का मौका नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने एक टैक्सी चालक से जोधपुर की सबसे अच्छी जगह के बारे में पूछा। चालक ने शास्त्री नगर और सरदारपुरा का नाम बताया।
इसके बाद आरोपी शास्त्री नगर जाने का बहाना बनाकर सरदारपुरा में उतर गए और पूरे दिन इलाके में रैकी की। रात में चोरी की वारदात को अंजाम दिया। जिस मोटरसाइकिल से चोरी की गई थी, वह भी सरदारपुरा थाना क्षेत्र से ही चुराई गई थी, जिसका मामला उसी थाने में दर्ज है।
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