नॉर्वे में स्कूल ट्रिप पर गए 6 साल के बच्चे हेनरिक को जमीन पर एक जंग लगी धातु की चीज मिली, जो जांच में करीब 1300 साल पुरानी तलवार निकली। विशेषज्ञों के मुताबिक यह तलवार वाइकिंग युग से पहले के मेरोंविंगियन काल की है। इस ऐतिहासिक खोज को अब म्यूजियम भेजा गया है, जहां इसकी वैज्ञानिक जांच होगी। पुरातत्व विभाग ने बच्चे और स्कूल की समझदारी की तारीफ की है।
नॉर्वे के इनलान्डेट काउंटी से एक बेहद हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां स्कूल ट्रिप पर गए सिर्फ 6 साल के एक बच्चे ने ऐसी खोज कर डाली, जिसने पुरातत्व विशेषज्ञों को भी चौंका दिया। बच्चे को खेत में जमीन से बाहर निकली एक जंग लगी धातु की वस्तु दिखाई दी। शुरुआत में सभी को लगा कि यह कोई पुराना लोहे का टुकड़ा होगा, लेकिन जांच के बाद पता चला कि वह करीब 1300 साल पुरानी प्राचीन तलवार है।
स्कूल ट्रिप के दौरान मिली ऐतिहासिक खोज रिपोर्ट्स के मुताबिक, बच्चे का नाम हेनरिक रेफ्सनेस मोर्टवेड्ट है। वह अपनी क्लास के साथ नॉर्वे के ग्रान नगर पालिका के ब्रांडबू इलाके में स्कूल ट्रिप पर गया था। बच्चे खेत के पास घूम रहे थे, तभी हेनरिक की नजर जमीन से बाहर निकली एक अजीब चीज पर पड़ी। हेनरिक ने बाद में बताया कि उस वस्तु पर मिट्टी और जंग लगी हुई थी। पहले उसे लगा कि यह कोई पुराना कबाड़ या खेती में इस्तेमाल होने वाला औजार होगा। लेकिन जब शिक्षकों ने ध्यान से देखा, तो मामला गंभीर लगा और तुरंत स्थानीय पुरातत्व विभाग को सूचना दी गई।
जांच में निकली 1300 साल पुरानी तलवार पुरातत्व विशेषज्ञों ने मौके पर पहुंचकर उस वस्तु की जांच की। विशेषज्ञों ने बताया कि यह एक प्राचीन एकधारी तलवार है, यानी इसकी धार सिर्फ एक तरफ थी। यह तलवार मेरोंविंगियन काल की मानी जा रही है, जो वाइकिंग युग शुरू होने से पहले का समय था। विशेषज्ञों के अनुसार यह तलवार लगभग 550 ईस्वी से 880 ईस्वी के बीच की हो सकती है। यानी यह करीब 1300 साल पुरानी है। माना जा रहा है कि यह किसी योद्धा या प्रभावशाली व्यक्ति की तलवार रही होगी।
इतिहास के लिए क्यों खास है यह खोज? इतिहासकारों का कहना है कि इस तरह की तलवारें बहुत कम मिलती हैं। यह खोज नॉर्वे के शुरुआती मध्यकालीन इतिहास और वाइकिंग संस्कृति को समझने में मदद कर सकती है। तलवार उस दौर के युद्ध, हथियारों की तकनीक और समाज की स्थिति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दे सकती है। जिस इलाके में तलवार मिली, वहां पहले भी आयरन एज और वाइकिंग काल से जुड़ी कई चीजें मिल चुकी हैं। इसलिए यह इलाका पुरातत्व की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।
संग्रहालय में होगी आगे की जांच तलवार को अब ओस्लो के म्यूजियम ऑफ कल्चरल हिस्ट्री भेज दिया गया है। वहां इसकी सफाई, संरक्षण और वैज्ञानिक जांच की जाएगी। विशेषज्ञ एक्स-रे और धातु परीक्षण के जरिए यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि तलवार किस तरह बनाई गई थी और उसका इस्तेमाल कैसे होता था। हालांकि तलवार पर काफी जंग लग चुकी है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इसके अंदर अभी भी कई ऐतिहासिक राज छिपे हो सकते हैं।
बच्चे की समझदारी की हुई तारीफ पुरातत्व विभाग ने हेनरिक और उसके स्कूल की जमकर तारीफ की है। अधिकारियों ने कहा कि अगर बच्चे और शिक्षकों ने खुद तलवार निकालने की कोशिश की होती, तो वह नुकसान पहुंच सकता था। लेकिन सही समय पर विशेषज्ञों को बुलाने से यह ऐतिहासिक धरोहर सुरक्षित बच गई।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी खोजें नॉर्वे और आसपास के स्कैंडिनेवियाई देशों में पहले भी वाइकिंग काल की कई चीजें मिल चुकी हैं। कुछ साल पहले स्वीडन में एक बच्ची को झील में नहाते समय 1500 साल पुरानी तलवार मिली थी। वहीं नॉर्वे में ही कुछ शिकारीयों को पहाड़ों में 1100 साल पुरानी तलवार मिली थी। लेकिन इतनी कम उम्र के बच्चे द्वारा इतनी महत्वपूर्ण खोज किया जाना लोगों को सबसे ज्यादा हैरान कर रहा है। अब यह कहानी दुनियाभर में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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