NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद के बाद 21 जून को होने वाले री-एग्ज़ाम ने राजस्थान के कोटा शहर में फिर से हलचल बढ़ा दी है। देशभर से छात्र दोबारा लौट रहे हैं, जिससे कोचिंग संस्थानों के साथ-साथ होस्टल, पीजी और स्थानीय कारोबार में भी नई जान आती दिख रही है।
NEET-UG 2026 परीक्षा को लेकर देशभर में हुए पेपर लीक विवाद के बाद अब राजस्थान का कोटा शहर एक बार फिर सुर्खियों में है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी यानी NTA द्वारा 3 मई को आयोजित परीक्षा रद्द किए जाने और 21 जून को री-एग्ज़ाम की नई तारीख घोषित होने के बाद देश के सबसे बड़े कोचिंग हब माने जाने वाले कोटा में छात्रों की वापसी तेज हो गई है। कुछ हफ्ते पहले तक जहां कई इलाकों में सन्नाटा नजर आ रहा था, वहीं अब कोचिंग संस्थानों के बाहर भीड़, होस्टलों में बुकिंग और बाजारों में रौनक फिर लौटती दिखाई दे रही है।
पेपर लीक विवाद सामने आने के बाद लाखों छात्रों और उनके परिवारों को बड़ा झटका लगा था। लंबे समय तक तैयारी करने वाले छात्रों ने परीक्षा दी, लेकिन बाद में परीक्षा रद्द होने की खबर ने उनकी मेहनत और मानसिक स्थिति दोनों पर असर डाला। कई छात्र परीक्षा के बाद अपने घर लौट गए थे और कोटा के कई होस्टल और पीजी खाली होने लगे थे। लेकिन अब री-एग्ज़ाम की तारीख सामने आने के बाद हालात बदलते दिखाई दे रहे हैं।
कोटा के प्रमुख कोचिंग क्षेत्रों जैसे तलवंडी, राजीव गांधी नगर, महावीर नगर और विज्ञान नगर में एक बार फिर छात्रों की आवाजाही बढ़ गई है। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भी छात्रों और अभिभावकों की भीड़ देखी जा रही है। मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात और हरियाणा जैसे राज्यों से बड़ी संख्या में मेडिकल अभ्यर्थी दोबारा कोटा पहुंच रहे हैं ताकि परीक्षा से पहले अपनी तैयारी मजबूत कर सकें।
कोचिंग संस्थानों ने भी तेजी से नई रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। कई संस्थानों ने री-एग्ज़ाम को ध्यान में रखते हुए रिवीजन बैच, क्रैश कोर्स, डेली टेस्ट सीरीज़ और डाउट सेशन शुरू कर दिए हैं। छात्रों को कम समय में ज्यादा से ज्यादा तैयारी करवाने पर फोकस किया जा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि इस बार परीक्षा में कॉन्सेप्ट आधारित और कठिन सवाल आने की संभावना को देखते हुए छात्रों को लगातार प्रैक्टिस करवाई जा रही है।
वहीं दूसरी तरफ होस्टल और पीजी संचालकों के चेहरे पर भी राहत दिखाई देने लगी है। पेपर रद्द होने के बाद बड़ी संख्या में छात्र कोटा छोड़कर चले गए थे, जिससे किराये और व्यवसाय पर असर पड़ा था। लेकिन अब दोबारा छात्रों की वापसी से बाजार में फिर हलचल बढ़ गई है। कई होस्टलों में दोबारा बुकिंग शुरू हो चुकी है और खाने-पीने की दुकानों, लाइब्रेरी और स्टेशनरी कारोबारियों का काम भी बढ़ने लगा है।
हालांकि छात्रों के बीच अभी भी मानसिक दबाव और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। कई अभ्यर्थियों का कहना है कि पेपर लीक विवाद ने उनका आत्मविश्वास प्रभावित किया है। लगातार बदलती परिस्थितियों और दोबारा परीक्षा की तैयारी के कारण तनाव बढ़ गया है। अभिभावकों की चिंता भी कम नहीं हुई है, क्योंकि उन्हें बच्चों की पढ़ाई के साथ आर्थिक बोझ का सामना भी करना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पूरे विवाद ने देश की परीक्षा प्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर 21 जून को होने वाली री-एग्ज़ाम पर टिकी हुई है। छात्रों और अभिभावकों को उम्मीद है कि इस बार परीक्षा पूरी पारदर्शिता और सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित होगी ताकि मेहनत करने वाले छात्रों को निष्पक्ष मौका मिल सके। फिलहाल कोटा में एक बार फिर पढ़ाई और प्रतियोगी माहौल लौटता दिखाई दे रहा है। शहर की सड़कों, कोचिंग गलियारों और लाइब्रेरियों में फिर वही हलचल नजर आने लगी है, जिसने कोटा को देश की सबसे बड़ी कोचिंग नगरी की पहचान दिलाई है।
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