Apple ने भारत में अपनी सप्लाई चेन से जुड़े कर्मचारियों के स्किल डेवलपमेंट को मजबूत करने के लिए बेंगलुरु में पहला Apple Education Hub शुरू किया है। मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन के साथ मिलकर चलाए जा रहे इस हब में डिजिटल लिटरेसी, Swift कोडिंग, रोबोटिक्स और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग जैसे कोर्स होंगे, जिससे हजारों कर्मचारियों को भविष्य की टेक्नोलॉजी के लिए तैयार किया जाएगा।
एप्पल ने भारत में अपनी सप्लाई चेन से जुड़े कर्मचारियों के स्किल डेवलपमेंट को मजबूत करने के लिए बड़ा दांव खेला है। कंपनी ने बेंगलुरु में अपना पहला Apple Education Hub शुरू करने का फैसला किया है। यह हब मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन (MAHE) के साथ मिलकर बनाया गया है और मार्च 2026 से यहां नए ट्रेनिंग कोर्स शुरू किए जाएंगे।
इस एजुकेशन हब का मकसद सप्लायर कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों को बदलती टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग जरूरतों के हिसाब से तैयार करना है। यहां डिजिटल लिटरेसी, शुरुआती स्तर की Swift कोडिंग, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन टेक्नोलॉजी और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग जैसे कोर्स कराए जाएंगे।
MAHE के अनुभवी फैकल्टी मेंबर्स पहले सप्लायर कंपनियों के ट्रेनर्स को ट्रेन करेंगे। इसके बाद वही ट्रेनर्स अपने-अपने प्लांट्स में कर्मचारियों के बड़े ग्रुप्स को ट्रेनिंग देंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक यह स्किल्स पहुंच सकें।
एप्पल के मुताबिक, इस पहल के तहत भारत में 25 से ज्यादा सप्लायर साइट्स पर डेवलपमेंट कोर्स का दायरा बढ़ाया जाएगा। इसकी शुरुआत टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स से की जा रही है। ये सभी कोर्स एप्पल के ग्लोबल 50 मिलियन डॉलर के Supplier Employee Development Fund का हिस्सा हैं।
एप्पल की वाइस प्रेसिडेंट सारा चैंडलर ने कहा कि जिस इनोवेशन से कंपनी अपने प्रोडक्ट्स बनाती है, उसी सोच के साथ वह सप्लाई चेन में काम करने वाले लोगों के भविष्य को भी मजबूत बनाना चाहती है। इन ट्रेनिंग प्रोग्राम्स के जरिए भारत में हजारों कर्मचारियों को नई स्किल्स सीखने और करियर में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
फिलहाल भारत में एप्पल और उसके पार्टनर्स मिलकर सप्लायर कर्मचारियों के लिए 75 से ज्यादा कोर्स ऑफर कर रहे हैं। एप्पल ने दिसंबर 2024 में रोबोटिक्स ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किया था, जिसे काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला। अब कंपनी इसे 2026 में और ज्यादा साइट्स तक फैलाने की तैयारी कर रही है।
इस प्रोग्राम में फैक्ट्री एजुकेटर्स को पहले रोबोटिक्स लैब में ट्रेन किया जाता है, ताकि वे अपने प्लांट्स में जरूरत के हिसाब से ट्रेनिंग दे सकें। इसके अलावा एप्पल भारत में वर्कर्स के अधिकार, सम्मान और सुरक्षा को लेकर भी कई इंटरनेशनल संगठनों के साथ काम कर रहा है।
कंपनी दिव्यांग व्यक्तियों के लिए Vocational Education प्रोग्राम को भी आगे बढ़ा रही है, जो हाल ही में Salcomp के साथ शुरू किया गया है। इस पहल से अब तक दुनियाभर में 18,000 से ज्यादा कर्मचारियों को फायदा मिल चुका है।
कुल मिलाकर, बेंगलुरु में शुरू हुआ यह Apple Education Hub भारत में एप्पल की सप्लाई चेन को न सिर्फ मजबूत करेगा, बल्कि कर्मचारियों को भविष्य की टेक्नोलॉजी के लिए तैयार करने में भी अहम भूमिका निभाएगा।
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