इंडोनेशिया के सेंट्रल जावा में स्थित माउंट मेरापी ज्वालामुखी पर 18 मई को लावा डोम का आंशिक ध्वंस होने के बाद पहाड़ की ढलानों पर जलते हुए लावा के प्रवाह दिखाई दिए। अधिकारियों ने इलाके में अलर्ट लेवल III यानी “Siaga” लागू रखते हुए लोगों को खतरे वाले ज़ोन से दूर रहने की चेतावनी दी है।
इंडोनेशिया के सेंट्रल जावा क्षेत्र में स्थित दुनिया के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में शामिल माउंट मेरापी एक बार फिर तेज गतिविधियों के कारण चर्चा में है। 18 मई को ज्वालामुखी के शिखर पर मौजूद summit lava dome का आंशिक ध्वंस हुआ, जिसके बाद पहाड़ की ढलानों पर चमकती हुई “आग की नदियाँ” बहती नजर आईं। सोशल मीडिया और स्थानीय मॉनिटरिंग एजेंसियों द्वारा जारी वीडियो फुटेज में रात के अंधेरे के बीच लाल-नारंगी लावा कई दिशाओं में नीचे की ओर बहता दिखाई दिया, जिसने पूरे इलाके को डर और सतर्कता के माहौल में डाल दिया।
इंडोनेशियाई ज्वालामुखी और भूवैज्ञानिक आपदा प्रबंधन एजेंसी (PVMBG) के अनुसार यह घटना मेरापी की बढ़ती ज्वालामुखीय गतिविधि का हिस्सा है। अधिकारियों ने बताया कि summit lava dome के टूटने से गर्म लावा और ज्वालामुखीय पदार्थ तेज़ी से नीचे की ढलानों की ओर बढ़े। हालांकि फिलहाल बड़े विस्फोट की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन विशेषज्ञ लगातार गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं क्योंकि मेरापी का व्यवहार बेहद अप्रत्याशित माना जाता है।
माउंट मेरापी इंडोनेशिया के सबसे खतरनाक ज्वालामुखियों में गिना जाता है। यह जावा द्वीप पर योग्याकार्ता शहर के करीब स्थित है और इसके आसपास लाखों लोग रहते हैं। इसकी ऊंचाई लगभग 2,900 मीटर है और यह अक्सर राख, गैस और लावा उगलता रहता है। पिछले कई दशकों में इसके विस्फोटों ने हजारों लोगों को प्रभावित किया है। खासकर 2010 का विनाशकारी विस्फोट आज भी इंडोनेशिया के सबसे खतरनाक ज्वालामुखीय हादसों में गिना जाता है, जिसमें सैकड़ों लोगों की मौत हुई थी और लाखों लोग प्रभावित हुए थे। हालिया गतिविधि के बाद स्थानीय प्रशासन ने ज्वालामुखी के आसपास अलर्ट स्तर बनाए रखा है। अधिकारियों ने लोगों को crater zone के करीब न जाने की चेतावनी दी है। कई इलाकों में सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया गया है और आपदा प्रबंधन टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि lava dome collapse के बाद pyroclastic flows यानी अत्यधिक गर्म गैस, राख और पत्थरों का बहाव भी पैदा हो सकता है, जो बेहद खतरनाक होता है।
स्थानीय निवासियों में इस घटना के बाद चिंता बढ़ गई है। कई गांवों में लोगों ने रातभर ज्वालामुखी से निकलती लाल चमक देखी। कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए इसे “आग की नदी” जैसा दृश्य बताया। हालांकि अभी बड़े पैमाने पर निकासी का आदेश नहीं दिया गया है, लेकिन प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने को कहा है। विशेषज्ञों के अनुसार मेरापी जैसे ज्वालामुखियों में lava dome collapse सामान्य प्रक्रिया हो सकती है, लेकिन यह बड़े विस्फोट का शुरुआती संकेत भी बन सकता है। इसलिए वैज्ञानिक लगातार seismic activity, गैस उत्सर्जन और लावा की गति का विश्लेषण कर रहे हैं। ड्रोन, सैटेलाइट और ग्राउंड सेंसर की मदद से ज्वालामुखी की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
इंडोनेशिया दुनिया के “Ring of Fire” क्षेत्र में स्थित है, जहां पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधियां बेहद सक्रिय रहती हैं। इसी कारण देश में 120 से ज्यादा सक्रिय ज्वालामुखी मौजूद हैं। यहां भूकंप और ज्वालामुखीय गतिविधियां आम मानी जाती हैं, लेकिन मेरापी का नाम हमेशा सबसे संवेदनशील ज्वालामुखियों में लिया जाता है। फिलहाल वैज्ञानिक और प्रशासन दोनों स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। लोगों को अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की सलाह दी गई है। आने वाले दिनों में मेरापी की गतिविधियां कैसी रहती हैं, इस पर पूरे क्षेत्र की नजर टिकी हुई है।
MountMerapi Indonesia Volcano VolcanicEruption Lava NaturalDisaster WorldNews DisasterAlert Geology VolcanoNews NetGramNews
Disclaimer
Disclaimer:
Images are for illustrative purposes only and some editing of images done by using AI.
Published by: Gulam Rasool. For newsroom standards, byline transparency, and correction requests, review our editorial standards and corrections policy.
Need to contact the newsroom directly? Email netgramnews@gmail.com or visit the team page.