राजस्थान सरकार ने दावा किया है कि पिछले दो वर्षों में RGHS योजना के तहत अस्पतालों और फार्मेसी स्टोर्स को करीब 7200 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। सरकार सेवाओं को “नॉर्मल” बता रही है, लेकिन कई पेंशनर्स और कर्मचारियों का कहना है कि जमीनी स्तर पर अब भी इलाज और दवाइयों को लेकर दिक्कतें बनी हुई हैं।
राजस्थान में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए लागू RGHS (Rajasthan Government Health Scheme) एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। इस बार वजह राज्य सरकार का बड़ा दावा है। सरकार ने कहा है कि पिछले दो वर्षों में योजना के तहत करीब 7200 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि इससे अस्पतालों और फार्मेसी नेटवर्क में फंड फ्लो बेहतर हुआ है और कैशलेस इलाज व्यवस्था पहले की तुलना में ज्यादा स्थिर हुई है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के अनुसार, वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अस्पतालों को 4000 करोड़ रुपये से अधिक और फार्मेसी स्टोर्स को 3200 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि जारी की जा चुकी है। उनका कहना है कि लंबे समय से लंबित पड़े भुगतान को प्राथमिकता के आधार पर क्लियर किया जा रहा है ताकि सरकारी कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके परिवारों को इलाज के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
अप्रैल और मई में भी जारी हुआ बड़ा भुगतान सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल 2026 में करीब 300 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जबकि मई महीने में अब तक 150 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बकाया भुगतान को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है और इसी कारण RGHS सेवाएं धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौट रही हैं। सरकार ने यह भी दावा किया है कि योजना को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए पोर्टल, बिल प्रोसेसिंग सिस्टम और ऑडिट व्यवस्था में सुधार किए जा रहे हैं। डिजिटल मॉनिटरिंग बढ़ाने का उद्देश्य यह है कि अस्पतालों और मेडिकल स्टोर्स को समय पर भुगतान हो सके और फर्जी क्लेम या अनावश्यक देरी जैसी समस्याओं को रोका जा सके।
Continue Reading14 मई 2026
जमीनी स्तर पर अब भी बनी हुई हैं समस्याएं हालांकि सरकार के दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर हालात पूरी तरह संतोषजनक नहीं दिख रहे। पिछले कई महीनों से अलग-अलग जिलों से लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं कि निजी अस्पतालों और मेडिकल स्टोर्स को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा। कई निजी अस्पतालों ने RGHS मरीजों का इलाज सीमित करने या कैशलेस सुविधा बंद करने तक की चेतावनी दी थी। कुछ अस्पतालों का कहना था कि लंबे समय से भुगतान अटका होने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया कि करीब 2200 करोड़ रुपये तक का बकाया लंबे समय तक लंबित रहा। इसी वजह से कई जगह मरीजों को पहले खुद भुगतान करने और बाद में रिइम्बर्समेंट लेने के लिए कहा गया। लेकिन पेंशनर्स और कम आय वाले कर्मचारियों के लिए यह व्यवस्था काफी मुश्किल साबित हुई, क्योंकि हर व्यक्ति के लिए बड़ी मेडिकल राशि पहले जमा करना संभव नहीं होता।
पेंशनर्स की सबसे बड़ी चिंता RGHS योजना का सबसे बड़ा लाभ वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनर्स को मिलना माना जाता है। लेकिन भुगतान में देरी और कैशलेस इलाज रुकने की खबरों ने सबसे ज्यादा चिंता इसी वर्ग में बढ़ाई। कई पेंशनर्स संगठनों ने सरकार से मांग की कि अस्पतालों और मेडिकल स्टोर्स के भुगतान को प्राथमिकता के आधार पर तुरंत पूरा किया जाए ताकि इलाज प्रभावित न हो। कुछ मामलों में मरीजों को जरूरी दवाइयां समय पर नहीं मिल पाने की शिकायतें भी सामने आईं। इससे लोगों में योजना की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठने लगे।
Continue Reading12 मई 2026
सरकार ने क्या कहा? सरकार का कहना है कि पिछली लंबित देनदारियों का दबाव काफी ज्यादा था, लेकिन अब भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाई गई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार आने वाले महीनों में स्थिति और बेहतर होगी तथा सभी बकाया भुगतान धीरे-धीरे क्लियर कर दिए जाएंगे। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि RGHS को बंद करने या सीमित करने जैसी कोई योजना नहीं है। इसके बजाय सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी और मजबूत बनाने पर काम किया जा रहा है।
क्या है RGHS योजना? RGHS यानी राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजना है, जिसके तहत सरकारी कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके आश्रितों को कैशलेस इलाज और दवाइयों की सुविधा दी जाती है। योजना के तहत सूचीबद्ध निजी और सरकारी अस्पतालों में इलाज कराया जा सकता है। यह योजना लाखों लोगों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का बड़ा माध्यम मानी जाती है, इसलिए इसमें भुगतान और सेवाओं से जुड़ी हर समस्या सीधे बड़ी आबादी को प्रभावित करती है।
Continue Reading14 मई 2026
आगे क्या? विशेषज्ञों का मानना है कि केवल भुगतान जारी करना ही पर्याप्त नहीं होगा। सरकार को अस्पतालों, मेडिकल स्टोर्स और लाभार्थियों के बीच भरोसा भी मजबूत करना होगा। अगर भुगतान नियमित और समय पर होता रहा तो RGHS फिर से पूरी तरह स्थिर हो सकती है। फिलहाल सरकार के दावों और जमीनी शिकायतों के बीच अंतर साफ दिखाई दे रहा है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि सरकार की नई व्यवस्था वास्तव में लाभार्थियों को राहत दे पाती है या नहीं।
Disclaimer:
Images are for illustrative purposes only and some editing of images done by using AI.
#RGHS #Rajasthan #HealthScheme #BreakingNews #GovernmentEmployees #Pensioners #Healthcare #CashlessTreatment #RajasthanNews #MedicalNews #NetGramNews
14 मई 2026